RoDTEP का पैसा बैंक खाते में नहीं आता: स्क्रिप मिलती है, और कैश ऐसे बनता है
RoDTEP का पैसा आपके बैंक खाते में कभी नहीं आता। यह ICEGATE के electronic credit ledger में क्रेडिट के रूप में आता है, जिससे आपको खुद scrip बनानी पड़ती है। कैश तब बनता है जब आप उस scrip से अपनी import duty भरते हैं या उसे किसी importer को बेच देते हैं। इस गाइड में पूरा रास्ता दिन गिनकर समझिए: shipping bill से ledger तक, और ledger से आपके बैंक खाते तक।
छोटे निर्यातकों में RoDTEP को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यही है: "claim कर दिया, अब पैसा खाते में आएगा।" ऐसा नहीं होता। Drawback बैंक खाते में आता है, RoDTEP नहीं आता। RoDTEP एक duty credit है जो ICEGATE portal के आपके ledger में जमा होता है, और उस क्रेडिट को कैश बनाने के दो ही रास्ते हैं। दोनों रास्ते इस पेज पर हैं, रुपये के उदाहरण के साथ।
सीधा जवाब: पैसा ledger में आता है, बैंक में नहीं
RoDTEP का भुगतान ICEGATE पर आपके electronic duty credit ledger में होता है। Ledger यानी customs के portal पर आपका खाता, जिसमें हर settled claim का क्रेडिट रुपये में दिखता है। यह पूरा सिस्टम Electronic Duty Credit Ledger Regulations, 2021 के तहत चलता है। बैंक खाते में सीधे एक भी रुपया नहीं आता, चाहे आप कितना भी इंतज़ार कर लें।
Ledger में आया क्रेडिट अपने आप खर्च भी नहीं होता। उससे पहले उसकी एक scrip बनानी पड़ती है, जिसे e-scrip कहते हैं। Scrip क्या होती है और कैसे काम करती है, यह विस्तार से duty credit scrip क्या है में समझाया है। छोटा जवाब: scrip एक electronic परची है जिससे basic customs duty भरी जा सकती है, और जिसे किसी दूसरे IEC को transfer भी किया जा सकता है।
यानी RoDTEP में "पैसा मिलना" तीन कदम का काम है: claim settle होकर ledger में क्रेडिट आना, क्रेडिट से scrip बनाना, और scrip को इस्तेमाल या बेचकर उसकी कीमत वसूलना। ज़्यादातर निर्यातक पहले कदम के बाद बैठ जाते हैं और सोचते हैं पैसा अटक गया। पैसा अटका नहीं होता, बस अगला कदम आपके हाथ में होता है।
Drawback और RoDTEP का फर्क: यहीं से गलतफहमी शुरू होती है
Duty drawback का पैसा scroll बनते ही सीधे आपके बैंक खाते में आ जाता है। सालों से drawback लेने वाले निर्यातक इसी के आदी हैं, इसलिए RoDTEP से भी वही उम्मीद रखते हैं। पर RoDTEP का design अलग है: वहां scroll बनने पर बैंक transfer नहीं होता, ledger में क्रेडिट बनता है।
फर्क याद रखने का आसान तरीका: drawback कैश देता है, RoDTEP क्रेडिट देता है। Drawback का पैसा आया या नहीं, यह बैंक statement में दिखता है। RoDTEP का पैसा आया या नहीं, यह ICEGATE पर login करके ledger में देखना पड़ता है।
एक और फर्क जो बाद में काम आता है: RoDTEP की scrip से सिर्फ basic customs duty यानी BCD भरी जा सकती है। IGST, social welfare surcharge या कोई cess इससे नहीं भरता। इसलिए जिस निर्यातक का खुद का import कम है, उसके लिए scrip का असली इस्तेमाल बेचना ही है। उस पर नीचे आते हैं।
पूरी timeline: shipping bill से ledger तक कितने दिन
रास्ता पांच पड़ाव का है, और हर पड़ाव पर घड़ी अलग चलती है। पहला पड़ाव आपके हाथ में है: shipping bill भरते समय ही RoDTEP का claim करना पड़ता है, हर item पर सही declaration के साथ। यह बाद में नहीं जुड़ता, इसलिए तरीका पहले पढ़ लीजिए: shipping bill में RoDTEP कैसे claim करें।
दूसरा पड़ाव LEO है, यानी Let Export Order: customs officer की वह मंज़ूरी जिसके बाद माल export के लिए छूट जाता है। यह आम तौर पर clearance वाले दिन ही मिल जाता है। तीसरा पड़ाव EGM है, यानी Export General Manifest: जहाज़ या flight के रवाना होने के बाद shipping line जो सूची file करती है कि कौन सा माल गया। EGM आपकी नहीं, carrier की filing है, और देरी सबसे ज़्यादा यहीं होती है: रवानगी के बाद कुछ दिन सामान्य हैं, पर गलती हो तो हफ्ते लग जाते हैं।
चौथा पड़ाव scroll है: settled claims की वह सूची जो customs system EGM के मिलान के बाद बनाता है। EGM सही बैठा हो तो scroll आम तौर पर उसके बाद के हफ्तों में आ जाता है। पांचवां पड़ाव अपने आप होता है: scroll बनते ही क्रेडिट आपके ledger में दिखने लगता है। अच्छे केस में shipping bill से ledger तक का पूरा सफर एक से दो महीने का है; EGM में गड़बड़ हो तो इससे ज़्यादा। हर पड़ाव की status ICEGATE login में दिखती है, इसलिए अंदाज़े से नहीं, portal देखकर बात कीजिए।
Scrip खुद बनानी पड़ती है: ICEGATE पर Generate Scrip
Ledger में क्रेडिट आ जाने के बाद ICEGATE पर आपको खुद Generate Scrip करना होता है: RoDTEP scheme चुनिए, जिन scrolls का क्रेडिट जोड़ना है वे चुनिए, और scrip बन जाती है। यह अपने आप तुरंत नहीं होता, और यहीं पर कई निर्यातकों का "पैसा" महीनों बेकार पड़ा रहता है क्योंकि उन्हें यह button पता ही नहीं।
किन scrolls का क्रेडिट एक scrip में जोड़ना है, यह चुनाव आपका है, और यह packaging सोच समझकर कीजिए: scrip का आकार तय करता है कि वह कितनी आसानी से बिकेगी। Ledger, scrip और transfer, तीनों के नियम Electronic Duty Credit Ledger Regulations, 2021 से आते हैं।
बनने के बाद scrip की validity ledger में बनने की तारीख से दो साल है। दो साल लंबे लगते हैं, पर टालने वालों के लिए ही expiry बनी है। घड़ी का पूरा हिसाब scrip की validity कितनी है में पढ़िए। एक बात और: scheme DGFT Notification 74/2025-26 से 30 September 2026 तक notified है; अगर आगे की अवधि notify नहीं होती तो notified अवधि खत्म होने पर scheme वहीं रुक जाती है। जो claim बनता है, समय पर कर लेना ही समझदारी है।
Scrip के दो रास्ते: अपनी duty भरिए या बेचकर कैश लीजिए
रास्ता एक: अगर आप import भी करते हैं, तो scrip से अपनी BCD भर दीजिए। जितनी BCD भरी, उतना cash बचा, यानी scrip की पूरी face value आपके काम आई। शर्त वही है: सिर्फ BCD, IGST या cess नहीं। जिनका import bill हर महीने आता है, उनके लिए यह सबसे अच्छा रास्ता है।
रास्ता दो: scrip बेच दीजिए। Scrip transfer होने वाली चीज़ है, transfer की गिनती पर कोई सीमा नहीं, और transfer ICEGATE पर दो तरफा हाथ मिलाना है: आप भेजते हैं, खरीदार approve करता है, तब जाकर scrip उसके ledger में जाती है। जिस निर्यातक का import नहीं के बराबर है, उसके लिए scrip को ledger में रखे रहना पैसे को locker में बंद रखना है। बेचने का पूरा तरीका RoDTEP scrip कैसे बेचें में step by step है।
कौन सा रास्ता कब सही है, इसका सीधा नियम: अगले कुछ महीनों में आपकी खुद की BCD देनदारी scrip की face value से ज़्यादा है तो खुद इस्तेमाल कीजिए, वरना बेचिए। बीच का रास्ता, यानी "पड़ी रहने दो, देखेंगे", सबसे महंगा है, क्योंकि उसमें दो साल की घड़ी चुपचाप चलती रहती है।
बेचकर कितना कैश मिलेगा: एक उदाहरण से हिसाब
Scrip हमेशा face value से थोड़ा नीचे बिकती है, क्योंकि खरीदार को भी अपना फायदा चाहिए। मान लीजिए आपकी scrip की face value Rs 1,00,000 है और भाव 97 paise प्रति रुपया चल रहा है। बिक्री हुई Rs 97,000 में। Scriphouse पर self-serve बिक्री की fee settle हुई value का 0.40% है, GST 18% अलग से: यानी Rs 388 fee और करीब Rs 70 GST। हाथ में आए करीब Rs 96,542, settlement के दिन ही, UTR के साथ।
दो बातें इस हिसाब को और साफ करती हैं। पहली: scrip की बिक्री खुद GST-exempt है, HSN 4907 के तहत, Notification 10/2025-Central Tax (Rate) के S. No. 137 से, effective 22-09-2025। यानी बिक्री की रकम पर आपको GST नहीं जोड़ना, GST सिर्फ platform की fee पर लगता है। दूसरी: हर IEC की पहली trade पर Scriphouse की fee शून्य है, दोनों तरफ। पहली बार बेचने वाले के हाथ में पूरे Rs 97,000 आते हैं।
आपकी अपनी shipment पर कितना RoDTEP बनता है, यह Appendix 4R के rate और per-unit cap से तय होता है: मिलता वह है जो rate-on-FOB और cap के हिसाब में से कम हो। अपना अंदाज़ा लगाने के लिए RoDTEP calculator इस्तेमाल कीजिए, और scheme की पूरी तस्वीर RoDTEP पेज पर है।
पैसा अटका लगे तो कहां देखें
सबसे पहले यह तय कीजिए कि अटका कहां है, क्योंकि इलाज पड़ाव के हिसाब से अलग है। Ledger खाली है और shipping bill पुराना है, तो पहला शक EGM पर कीजिए: ICEGATE पर shipping bill की EGM status देखिए, गड़बड़ हो तो अपने CHA और shipping line से EGM error ठीक कराइए। EGM सही है पर scroll नहीं बना, तो कारण और इलाज की पूरी सूची RoDTEP scroll not generated में है।
दूसरा आम कारण खुद claim का है: shipping bill में declaration ही नहीं भरा गया था, या item पर scheme reward चुनना छूट गया था। यह जांचने के लिए shipping bill की copy देखिए। ध्यान रहे, claim shipping bill के साथ ही होता है; बाद में जोड़ने के लिए amendment का रास्ता लंबा है, इसलिए अगली shipment से filing checklist ठीक कीजिए।
पूछना किससे है: EGM की filing के लिए shipping line या airline, shipping bill और amendment के लिए आपका CHA, और portal या ledger की तकनीकी दिक्कत के लिए ICEGATE helpdesk। और अगर ledger में क्रेडिट दिख रहा है, तो कहीं कुछ अटका ही नहीं है: बस Generate Scrip बाकी है, और उसके बाद ऊपर वाले दो रास्तों में से एक चुनना है।
Frequently asked questions
RoDTEP का पैसा बैंक खाते में कब आता है?
सीधे कभी नहीं। RoDTEP बैंक में नहीं, ICEGATE के electronic duty credit ledger में क्रेडिट के रूप में आता है। उस क्रेडिट से scrip बनती है, और बैंक खाते में पैसा तब आता है जब आप वह scrip किसी importer को बेचते हैं। खुद import करते हों तो scrip से BCD भरकर उतना cash बचा भी सकते हैं।
RoDTEP scrip को कैश कैसे बनाएं?
दो तरीके हैं। पहला: अपनी import की basic customs duty scrip से भर दीजिए, जितनी duty भरी उतना cash बचा। दूसरा: scrip बेच दीजिए; transfer ICEGATE पर होता है और खरीदार के approve करते ही पूरा होता है। Scriphouse पर बिक्री का पैसा settlement के दिन UTR के साथ आता है, और हर IEC की पहली trade पर fee नहीं लगती।
Shipping bill के कितने दिन बाद RoDTEP मिलता है?
अच्छे केस में shipping bill से ledger credit तक एक से दो महीने लगते हैं। रास्ता है: shipping bill में claim, फिर LEO, फिर जहाज़ रवाना होने पर shipping line की EGM filing, फिर customs का scroll, और scroll बनते ही ledger में क्रेडिट। सबसे ज़्यादा देरी EGM की गलतियों से होती है, इसलिए अटकने पर सबसे पहले EGM status देखिए।
RoDTEP और duty drawback में क्या फर्क है?
Drawback कैश है, RoDTEP क्रेडिट है। Drawback का पैसा scroll बनते ही सीधे बैंक खाते में आ जाता है, जबकि RoDTEP का क्रेडिट ICEGATE के ledger में आता है, जिससे scrip बनाकर BCD भरनी होती है या उसे बेचना होता है। इसलिए drawback की जांच बैंक statement में और RoDTEP की जांच ICEGATE के ledger में कीजिए।
RoDTEP scroll नहीं बना तो क्या करें?
पहले ICEGATE पर shipping bill की EGM status जांचिए, क्योंकि scroll EGM के मिलान के बाद ही बनता है। EGM error हो तो shipping line और CHA से ठीक कराइए। EGM सही होने पर भी scroll न बने तो shipping bill में RoDTEP declaration की जांच कीजिए और ICEGATE helpdesk पर ticket डालिए। याद रखिए, ledger में क्रेडिट दिखता हो तो scroll बन चुका है, बस Generate Scrip बाकी है।