Scrip बेचना legal है या नहीं? हां, पूरी तरह legal है

हां, duty credit scrip बेचना पूरी तरह legal है। सरकार ने RoDTEP और RoSCTL जैसे scrip transferable इसीलिए बनाए हैं कि जिस exporter को import duty नहीं भरनी, वह अपना credit किसी importer को बेचकर cash बना सके। इस guide में हम बताते हैं कि कौन सा कानून transfer की इजाज़त देता है, क्या चीज़ actually illegal है, tax का हिसाब क्या है, और safe तरीके से बेचने के steps क्या हैं।

सीधा जवाब: हां, scrip बेचना पूरी तरह legal है

Duty credit scrip बेचना India में पूरी तरह legal है। यह कोई grey area नहीं है, कोई loophole नहीं है। सरकार ने RoDTEP और RoSCTL के e-scrip को transferable बनाया ही इसीलिए है कि हर exporter अपने credit का पूरा फायदा उठा सके। जो exporter खुद import नहीं करता, उसके पास scrip use करने का कोई रास्ता नहीं होता। इसलिए कानून कहता है: बेच दीजिए, किसी importer को, जो उससे अपनी basic customs duty भरेगा।

In one line: Duty credit scrip बेचना पूरी तरह legal है, e-scrip को Electronic Duty Credit Ledger Regulations, 2021 के तहत transferable बनाया गया है, और transfer की संख्या पर कोई limit नहीं है।

Ludhiana का cycle-parts exporter हो या Panipat का home-textile exporter, देश भर के exporters ICEGATE पर routine तौर पर scrip transfer करते हैं। यह एक routine, सरकारी portal पर होने वाला lekha-jokha है, कोई side deal नहीं। अगर आप English में पूरा legal analysis पढ़ना चाहें तो हमारा English guide on scrip legality देखिए, यह post उसी का Hindi रूप है।

किस कानून के तहत scrip transfer होता है

आज के RoDTEP और RoSCTL scrip असल में e-scrip हैं: ये ICEGATE के electronic ledger में बनते हैं और Electronic Duty Credit Ledger Regulations, 2021 के तहत चलते हैं। यही regulations साफ कहते हैं कि ledger में पड़ा credit transfer किया जा सकता है। CBIC यानी customs की तरफ से बना यह framework ही आपकी बिक्री की कानूनी नींव है। Official text cbic.gov.in पर उपलब्ध है।

Scheme की तरफ से देखें तो RoDTEP खुद Foreign Trade Policy के ढांचे में DGFT notify करता है। DGFT Notification 74/2025-26 के तहत RoDTEP 30 September 2026 तक notify है; अगर उसके बाद continuation notify नहीं होता तो scheme उस तारीख पर lapse हो जाती है। RoSCTL की notified अवधि भी 30 September 2026 तक है। ध्यान रहे, scheme की अवधि नए scrip बनने के बारे में है; जो scrip पहले से आपके ledger में है, वह अपनी validity तक चलता है। Notifications का original text हमेशा dgft.gov.in से ही पढ़िए।

एक फर्क याद रखिए: पुराने MEIS और SEIS scrip DGFT जारी करता था, वे आज के ICEGATE e-scrip से अलग instrument हैं। इस post में हम e-scrip की बात कर रहे हैं, जो आज RoDTEP और RoSCTL के तहत मिलते हैं। RoDTEP scheme की पूरी जानकारी के लिए हमारा RoDTEP page देखिए।

Transfer पर कोई limit नहीं, बस validity का ध्यान रखिए

कानून में transfer की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। आप scrip एक importer को बेच सकते हैं, वह चाहे तो आगे किसी और को transfer कर सकता है। "एक बार ही बेच सकते हैं" जैसी कोई शर्त regulations में नहीं है।

जो सीमा है, वह समय की है: e-scrip की validity ledger में बनने की तारीख से दो साल है, और transfer होने से यह घड़ी reset नहीं होती। दो साल बाद बचा हुआ credit lapse हो जाता है, इसलिए बेचने का फैसला जल्दी लेना ही समझदारी है। यह भी साफ रहे कि scrip से सिर्फ basic customs duty (First Schedule की duty) भरी जा सकती है, IGST, SWS या cess नहीं। Buyer यही जानकर price लगाता है।

क्या चीज़ illegal है: असली बिक्री इनसे कैसे अलग है

Legal यह है: आपके अपने IEC के ledger में पड़ा असली scrip, ICEGATE पर official transfer के ज़रिए, सही कागज़ के साथ बेचना। Illegal वह है जो इस रास्ते से बाहर होता है:

  • Fake या forged scrip: ऐसा scrip बेचना या खरीदना जो ledger में है ही नहीं, सीधा fraud है।
  • किसी और के नाम का scrip: जो credit आपके IEC का नहीं, उसे अपना बताकर बेचना forgery है।
  • जाली documents पर transfer: गलत shipping bill या बनावटी entitlement दिखाकर scrip बनवाना कानूनन अपराध है।
  • Recall scam: कोई "बेचने के बाद scrip वापस खींच लेंगे" जैसा खेल करे, तो वह cheating है, बिक्री नहीं।

अच्छी खबर यह है कि ICEGATE का transfer खुद एक two-sided handshake है: transfer तभी पूरा होता है जब transferee अपनी तरफ से approve करता है। एकतरफा, चुपचाप कुछ नहीं होता। धोखों की पूरी सूची और बचाव के तरीकों के लिए हमारा guide scrip scams and how to avoid them पढ़िए। बात इतनी सी है: बिक्री legal है, जालसाज़ी illegal है, और दोनों में फर्क साफ दिखता है।

Tax का छोटा जवाब: बिक्री पर GST नहीं

Duty credit scrip की बिक्री GST-exempt है: HSN 4907 के तहत, Notification 10/2025-Central Tax (Rate) के S. No. 137 में, effective 22-09-2025। मतलब बिक्री की रकम पर आपको GST नहीं जोड़ना।

लेकिन जो रकम मिलती है वह आपकी business income का हिस्सा है, और exempt supply होने से input tax credit पर असर के सवाल भी उठ सकते हैं। यह दो line का जवाब है; अपने CA को बिक्री ज़रूर बताइए और books में सही entry करवाइए।

Genuine buyer और platform कैसे पहचानें

Legality आपकी तरफ से पक्की है, अब सवाल सिर्फ यह है कि सामने वाला भरोसे लायक है या नहीं। Payment से पहले ये चीज़ें देखिए:

  • Provenance: scrip ICEGATE ledger में उसी IEC के नाम दिखना चाहिए जो बेच रहा है। Ledger के बाहर का "scrip" कोई scrip नहीं है।
  • Payment और transfer एक साथ: जो सौदा कहे "पहले transfer कर दो, payment बाद में" या उल्टा, वहां risk आप उठा रहे हैं। भरोसेमंद तरीका वह है जहां scrip और पैसा एक ही घड़ी में हाथ बदलें।
  • कागज़ का trail: हर trade का invoice और settlement record मिलना चाहिए, WhatsApp के screenshots नहीं।

Scriphouse पर यही ढांचा built-in है: settlement ICEGATE पर atomic DvP है, यानी scrip और payment एक साथ settle होते हैं, payout उसी दिन (T+0) UTR के साथ आता है, और हर trade के साथ GST invoice और net-realisation statement मिलता है। हर IEC पर पहला trade दोनों तरफ free है। उसके बाद self-serve बिक्री पर fee settle हुई value का 0.40% है, plus उस fee पर 18% GST। Example: ₹5,00,000 face value का RoDTEP scrip ₹4,85,000 में बिका, तो fee ₹1,940 बनी, उस पर GST ₹349, और आपके हाथ में करीब ₹4,82,711 आए। Firm quote 60 seconds तक hold रहता है, इसलिए rate देखकर सोचने का समय भी मिलता है।

Safe बेचने के steps

बिक्री का पूरा process सरकारी portal पर ही होता है, इसलिए steps सीधे हैं:

  • ICEGATE पर login करके अपने e-scrip ledger में scrip का balance और validity date confirm कीजिए।
  • Buyer तय होने पर ICEGATE पर transfer initiate कीजिए; transfer एक two-sided handshake है और तभी पूरा होता है जब buyer अपनी तरफ से approve करे।
  • Payment का इंतज़ाम transfer के साथ जोड़कर रखिए, अलग से "बाद में" नहीं। DvP settlement यही काम करता है।
  • Transfer confirmation, sale invoice और payment का UTR सम्भाल कर रखिए; यही आपके books और किसी भी future सवाल का जवाब हैं।

Step-by-step Hindi walkthrough के लिए हमारा guide RoDTEP scrip कैसे बेचें पढ़िए, और अपना entitlement पहले से जानना हो तो RoDTEP calculator से हिसाब लगाइए। Portal की official जानकारी icegate.gov.in पर है।

Frequently asked questions

क्या duty credit scrip बेचना legal है?

हां, पूरी तरह legal है। RoDTEP और RoSCTL के e-scrip Electronic Duty Credit Ledger Regulations, 2021 के तहत transferable हैं। सरकार ने इन्हें transferable इसीलिए बनाया है कि जो exporter import duty नहीं भरता, वह scrip बेचकर उसकी value cash में बदल सके।

Scrip बेचने पर कोई penalty या पकड़ तो नहीं होगी?

असली scrip को ICEGATE के official transfer से बेचने पर कोई penalty नहीं है, यह portal पर होने वाला मान्यता-प्राप्त लेन-देन है। Penalty उन पर लगती है जो fake scrip, forged documents या किसी और के नाम का credit बेचते हैं। असली बिक्री और fraud में यही फर्क है।

Scrip किस कानून के under transfer होता है?

आज के RoDTEP और RoSCTL scrip यानी e-scrip, CBIC के Electronic Duty Credit Ledger Regulations, 2021 के तहत ICEGATE ledger में बनते और transfer होते हैं। Scheme खुद Foreign Trade Policy के ढांचे में DGFT notify करता है, जैसे RoDTEP की मौजूदा अवधि DGFT Notification 74/2025-26 से 30 September 2026 तक notify है।

क्या RoDTEP scrip किसी को भी बेच सकते हैं?

हां, transfer पर कोई गिनती की limit नहीं है और buyer कोई भी हो सकता है जो ICEGATE पर transfer अपनी तरफ से approve कर सके। व्यवहार में buyer वही होता है जिसे basic customs duty भरनी है, क्योंकि scrip का use यही है। Transfer तभी पूरा होता है जब buyer ICEGATE पर approve करे।

Fake scrip के धोखे से कैसे बचें?

Payment से पहले scrip ICEGATE ledger में seller के IEC के नाम दिखना चाहिए; ledger के बाहर का कोई भी "scrip" fake है। Payment और transfer एक साथ settle कराइए, कभी advance मत दीजिए, और हर trade का invoice और UTR record रखिए। DvP settlement वाला platform यह risk अपने ढांचे से ही हटा देता है।

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